फेसबुक फ्रेंडशिप के पीछे निकली पाकिस्तानी साजिश, युवक ने नहीं मानी बात

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के एक युवक को कश्मीरी महिला बनकर हनीट्रैप में फंसाने और सुरक्षाबलों की संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई, लेकिन युवक की सतर्कता ने पूरा खेल बिगाड़ दिया। पैसों के लालच और लगातार धमकियों के बावजूद उसने कोई जानकारी साझा नहीं की और कथित साजिश को नाकाम कर दिया।

Date Updated Last Updated : 02 June 2026, 12:31 PM IST
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Courtesy: AI Generated

डोडा: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) की एक कथित हनीट्रैप साजिश सामने आई है. आरोप है कि एजेंसी ने एक स्थानीय युवक को सोशल मीडिया के माध्यम से अपने जाल में फंसाने और उससे सुरक्षाबलों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां हासिल करने की कोशिश की. हालांकि युवक ने पैसों के लालच और धमकियों के बावजूद किसी भी तरह का सहयोग करने से इनकार कर दिया.

सुरक्षा एजेंसियों को पाकिस्तान से आने वाली व्हाट्सऐप कॉल्स की जानकारी मिलने के बाद मामले का पता चला. जांच के तहत युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, लेकिन जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उसने देशविरोधी गतिविधियों में कोई भूमिका नहीं निभाई. इसके बाद उसे छोड़ दिया गया.

बर्फबारी के वीडियो से शुरू हुई बातचीत

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला पिछले वर्ष दिसंबर में शुरू हुआ था. युवक ने अपने क्षेत्र में हुई बर्फबारी का एक वीडियो फेसबुक पर साझा किया था. इस पोस्ट पर एक व्यक्ति ने टिप्पणी की, जिसने खुद को कश्मीर की रहने वाली महिला बताया.

इसके बाद दोनों के बीच फेसबुक पर बातचीत शुरू हुई और कई महीनों तक संपर्क बना रहा. मार्च महीने में कथित महिला ने युवक से उसका व्हाट्सऐप नंबर मांग लिया.

+92 कंट्री कोड ने खोल दी सच्चाई

युवक को उस कथित महिला पर तब शक हुआ जब व्हाट्सऐप पर आए संदेश में +92 कंट्री कोड दिखाई दिया, जो पाकिस्तान का है.

पुलिस के मुताबिक, जब युवक ने इस बारे में सवाल किए तो उसे पैसों का लालच दिया गया. कथित तौर पर उसे सीमा और भीतरी इलाकों में तैनात सुरक्षाबलों की तस्वीरें और जानकारी उपलब्ध कराने के बदले बड़ी रकम देने की पेशकश की गई.

लालच और धमकियों का भी नहीं पड़ा असर

स्थिति को समझते ही युवक ने संबंधित नंबर को तुरंत ब्लॉक कर दिया. इसके बाद भी अलग-अलग नंबरों से उसे लगातार कॉल और संदेश भेजे जाते रहे.

पुलिस के अनुसार, इन संदेशों में कभी प्रलोभन दिया गया तो कभी धमकियां दी गईं. युवक ने ऐसे करीब एक दर्जन नंबर ब्लॉक कर दिए और किसी भी प्रकार की जानकारी साझा नहीं की.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, युवक का ब्रेनवॉश नहीं किया जा सका और उसने सभी प्रयासों का डटकर सामना किया.

सुरक्षा कारणों से पहचान रखी गई गुप्त

सुरक्षा एजेंसियों ने युवक की पहचान सार्वजनिक नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है.

हालांकि एहतियातन उसे अभी भी पुलिस निगरानी में रखा गया है.

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए हनीट्रैप में फंसाने की कोशिशों के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं.

करीब 15 दिन पहले पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ने मकवाल क्षेत्र के 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया था. बताया गया था कि वह स्नैपचैट के जरिए संपर्क में आई एक महिला ऑपरेटिव के प्रभाव में आकर पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था.

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