पाक-बांग्लादेश का पासपोर्ट अब खतरे की घंटी! भारत की नागरिकता के नियम बदले

भारतीय नागरिकता लेने के नियमों में केंद्र सरकार ने बदलाव कर दिए हैं. अगर आप पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान का पासपोर्ट रखते हैं, तो आपको पहले अपना पासपोर्ट सरेंडर करना होगा.

Date Updated Last Updated : 19 May 2026, 09:28 AM IST
फॉलो करें:
Courtesy: Gemini

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकता लेने के नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किया है. अब पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान का पासपोर्ट रखने वाले लोगों को नागरिकता मिलने से पहले अपना पासपोर्ट सरेंडर करना अनिवार्य होगा. गृह मंत्रालय ने खुद इस संबंध में नया नोटिफिकेशन जारी किया है.

नया नियम क्या है?

गृह मंत्रालय ने ‘नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026’ के तहत नया प्रावधान जोड़ा है. अब नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले लोगों को यह बताना होगा कि उनके पास पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश का वैध या एक्सपायर पासपोर्ट है या नहीं.

अगर पासपोर्ट है तो आवेदक को उसका पूरा विवरण देना होगा, जैसे पासपोर्ट नंबर, जारी करने की तारीख, जगह और एक्सपायरी डेट. यह जानकारी अनिवार्य रूप से भरनी होगी.

15 दिनों में सरेंडर करना जरूरी

नागरिकता मंजूर होने के बाद आवेदक को 15 दिनों के अंदर अपना विदेशी पासपोर्ट सरेंडर करना होगा. इसके लिए उन्हें संबंधित सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पोस्ट या सुपरिटेंडेंट ऑफ पोस्ट को लिखित सहमति देनी होगी.

सरकार का कहना है कि यह बदलाव सिर्फ प्रशासनिक स्पष्टीकरण है. इसका मकसद आवेदनों की जांच और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया को और मजबूत बनाना है. नया नियम राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही लागू हो जाएगा.

अन्य अहम बदलाव

इस महीने गृह मंत्रालय ने नागरिकता नियमों में कई अन्य सुधार भी किए हैं. अब OCI कार्ड पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक (e-OCI) रूप में जारी होगा. आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे कागजी कार्रवाई कम हो गई है.

नाबालिग बच्चों के दोहरे पासपोर्ट संबंधी नियमों को सख्त किया गया है. इसके अलावा, आवेदकों को बायोमेट्रिक डेटा देने की सहमति देनी होगी. इससे फास्ट-ट्रैक इमिग्रेशन और भविष्य में ऑटोमैटिक पंजीकरण जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी.

क्यों किया गया बदलाव?

सरकार का उद्देश्य नागरिकता प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और आसान बनाना है. विदेशी पासपोर्ट की अनिवार्य जानकारी और सरेंडर से फर्जी आवेदनों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. यह नया नियम उन लोगों के लिए खासतौर पर महत्वपूर्ण है जो पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान से भारत आकर नागरिकता लेना चाहते हैं. अब उन्हें नियमों का सख्ती से पालन करना होगा.

सम्बंधित खबर