सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों पर सरकार का बड़ा फैसला, अब साल में मिलेंगे सिर्फ 4 सिलेंडर

उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को मिलने वाले सब्सिडी गैस सिलेंडरों की संख्या को सालाना 9 से घटाकर सिर्फ 4 कर दिया गया है. इससे करोड़ों गरीब परिवारों को एक बड़ा झटका मिला है.

Date Updated Last Updated : 09 June 2026, 01:43 PM IST
फॉलो करें:
Courtesy: AI generated

नई दिल्ली: देश के करोड़ों गरीब परिवारों और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी और चिंता करने वाली खबर है. सरकार ने बढ़ते ईंधन सब्सिडी बिल और बढ़ती लागत को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, अब उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को मिलने वाले सब्सिडी गैस सिलेंडरों की संख्या को सालाना 9 से घटाकर सिर्फ 4 कर दिया गया है.

यह फैसला क्यों लिया गया

यह फैसला हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 14.2 किलोग्राम की कीमतों में की गई 29 रुपये की बढ़ोतरी के ठीक बाद सामने आया है. सरकार के इस कदम से आम जनता, विशेषकर ग्रामीण और गरीब परिवारों के बजट पर सीधा असर पड़ने की संभावना है. आइए जानते हैं सरकार ने इस फैसले के पीछे क्या दलीलें दी हैं.

तेल कंपनियों के घाटे को नियंत्रित करने की कोशिश

पेट्रोलियम मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण एम. खानूजा ने इस फैसले को स्पष्ट करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव जारी है. पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और अस्थिर वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य के कारण सरकारी तेल विपणन कंपनियों पर बोझ लगातार बढ़ रहा है.

एलपीजी रिफिल पर भारी नुकसान 

अभी सरकारी तेल कंपनियों को प्रति 14.2 किलोग्राम एलपीजी रिफिल पर 700 रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. इसके अलावा, कंपनियों को पेट्रोल पर 6 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है. वित्त वर्ष 2025-26 में घरेलू एलपीजी पर संचयी अंडर-रिकवरी बढ़कर 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष 41,338 करोड़ रुपये थी. इस घाटे की भरपाई के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तेल कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये के मुआवजे को मंजूरी दी है.

उज्ज्वला लाभार्थियों को अब क्या मिलेगा?

मंत्रालय के अनुसार, देश के सभी 33.37 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं को बाजार दर की तुलना में प्रति सिलेंडर 700 रुपये की सामान्य छूट मिलती रहेगी. लेकिन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 10.5 करोड़ गरीब परिवारों को मिलने वाला विशेष लाभ अब सीमित कर दिया गया है.

सब्सिडी घटा दिया गया

लाभार्थियों को अब एक वर्ष में केवल 4 सिलेंडरों तक ही 300 रुपये प्रति सिलेंडर की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी.
इससे पहले, अगस्त 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रति वर्ष 9 सिलेंडरों पर 300 रुपये की सब्सिडी देने की मंजूरी दी थी, जिसे अब घटा दिया गया है.

सरकार का क्या कहना है?

 सरकार का कहना है कि एक सामान्य उज्ज्वला परिवार की औसत वार्षिक खपत लगभग 4.47 सिलेंडर है, इसलिए पहले 4 रिफिल पर सब्सिडी देना उनके लिए पर्याप्त होगा. बता दें कि साल 2016 में उत्तर प्रदेश के बलिया से शुरू हुई इस योजना के तहत गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन बांटे गए थे, लेकिन अब वैश्विक आर्थिक दबाव के कारण सरकार को सब्सिडी के नियमों में यह बड़ी कटौती करनी पड़ी है.

सम्बंधित खबर

Recent News