नई दिल्ली: मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने जा रहे डीके शिवकुमार के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी नई टीम का गठन करना है. दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ होने वाली बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है, क्योंकि इसी बैठक में यह तय होगा कि नई सरकार में किन नेताओं को मंत्री पद मिलेगा और किसे इंतजार करना पड़ेगा. ऐसे में शपथ ग्रहण से पहले सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर अहम मंथन जारी है.
कर्नाटक के भावी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्दरमैया सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे. दोनों नेता कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक कर राज्य की नई मंत्रिपरिषद के गठन और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे. हाल ही में कांग्रेस विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद डीके शिवकुमार 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके साथ कुछ मंत्रियों को भी शपथ दिलाई जा सकती है. हालांकि मंत्रिपरिषद में कितने नेताओं को शामिल किया जाएगा, इस पर अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान ही करेगा.
नई सरकार के गठन से पहले मंत्री पद की दौड़ तेज हो गई है. कई वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री दिल्ली पहुंच चुके हैं और अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं. सभी नेता चाहते हैं कि उन्हें नई सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिले. डीके शिवकुमार ने भी साफ कहा है कि मंत्रिमंडल को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा. उन्होंने संकेत दिया कि इस विषय पर चर्चा जारी है और जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी.
कर्नाटक मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत कुल 34 सदस्य ही शामिल हो सकते हैं. ऐसे में सीमित पदों के बीच बड़ी संख्या में दावेदारों को संतुष्ट करना आसान नहीं होगा. पार्टी सूत्रों के अनुसार, यदि कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलती है तो असंतोष बढ़ सकता है. इसी वजह से कांग्रेस नेतृत्व बेहद सावधानी से नामों पर विचार कर रहा है.
सूत्रों का कहना है कि नई मंत्रिपरिषद में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया जा सकता है. मंत्रिमंडल के गठन में जातीय, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाएगा. साथ ही पार्टी के प्रति निष्ठा और राजनीतिक योगदान को भी अहम आधार माना जा रहा है. यह चर्चा भी चल रही है कि नई सरकार में एक से अधिक उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं. वहीं, मौजूदा मंत्रिमंडल के कुछ चेहरों को इस बार बाहर भी रखा जा सकता है.
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के बेटे और विधान परिषद सदस्य यतींद्र भी इन दिनों चर्चा में हैं. उन्होंने हाल ही में डीके शिवकुमार से मुलाकात की थी. इसके बाद उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें मंत्री पद को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं. यतींद्र का नाम संभावित मंत्रियों की सूची में माना जा रहा है, हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
दिल्ली में होने वाली बैठक में सिर्फ मंत्रिमंडल गठन ही नहीं, बल्कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है. मुख्यमंत्री बनने के बाद डीके शिवकुमार को संगठन की जिम्मेदारी छोड़नी होगी, इसलिए पार्टी को नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन भी करना है.