नई दिल्ली: बारिश का मौसम आते ही पहाड़ों की खूबसूरती अपने चरम पर पहुंच जाती है. चारों ओर फैली हरियाली, बादलों से ढकी चोटियां, ठंडी हवाएं और हल्की बारिश हर किसी का मन मोह लेती है. यही वजह है कि मानसून में बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों की सैर का प्लान बनाते हैं. हालांकि, इस मौसम में कुछ इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं. लेकिन देश में कई ऐसे हिल स्टेशन हैं, जहां मानसून के दौरान भी सुरक्षित तरीके से घूमने का आनंद लिया जा सकता है. अगर आप भी बारिश के मौसम में छुट्टियां बिताने की सोच रहे हैं, तो ये जगहें आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकती हैं.
हिमाचल प्रदेश का शिमला मानसून में बेहद आकर्षक दिखाई देता है. देवदार के ऊंचे पेड़, बादलों से घिरी पहाड़ियां और ठंडी हवाएं यहां के माहौल को खास बना देती हैं. यहां आने वाले पर्यटक जाखू मंदिर, रिज मैदान और मॉल रोड जैसी प्रसिद्ध जगहों की सैर कर सकते हैं. इसके अलावा किसी कैफे में बैठकर बारिश और पहाड़ों का नजारा देखना भी यादगार अनुभव होता है.
अगर आप भीड़भाड़ से दूर शांत वातावरण में समय बिताना चाहते हैं, तो धर्मशाला और मैक्लोडगंज बेहतरीन विकल्प हैं. मानसून के दौरान यहां का मौसम बेहद सुहावना रहता है. दलाई लामा मंदिर, तिब्बती मठ, स्थानीय बाजार और छोटे-छोटे कैफे यहां की खास पहचान हैं. प्रकृति और शांति पसंद करने वालों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है.
उत्तराखंड का नैनीताल बारिश के मौसम में और भी मनमोहक हो जाता है. नैनी झील में बोटिंग, मॉल रोड पर घूमना और रोपवे से आसपास के पहाड़ों का नजारा देखने का अनुभव बेहद खास होता है. यह हिल स्टेशन परिवार, दोस्तों और कपल्स सभी के बीच काफी लोकप्रिय है.
मसूरी को लंबे समय से 'पहाड़ों की रानी' कहा जाता है. मानसून में यहां की वादियां बादलों की चादर से ढक जाती हैं, जिससे इसकी सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है. वहीं, पास में स्थित लैंडौर अपने शांत माहौल, पुराने चर्च, खूबसूरत कैफे और लाल टिब्बा जैसे दर्शनीय स्थलों के लिए जाना जाता है. यहां का शांत वातावरण यात्रियों को अलग ही अनुभव देता है.
राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू मानसून में घूमने के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है. यहां बारिश के बाद चारों ओर हरियाली फैल जाती है और मौसम काफी ठंडा व सुहावना हो जाता है. नक्की झील, गुरु शिखर और दिलवाड़ा जैन मंदिर यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं.
तमिलनाडु में ऊटी के पास स्थित कुन्नूर अपनी हरी-भरी चाय की वादियों के लिए प्रसिद्ध है. बारिश के मौसम में यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और भी निखर जाता है. सिम्स पार्क, डॉल्फिन्स नोज, लैम्ब्स रॉक और नीलगिरि माउंटेन रेलवे की सैर यहां आने वाले पर्यटकों को अलग ही अनुभव देती है.
अगर आप भीड़ से दूर किसी शांत हिल स्टेशन की तलाश में हैं, तो गुजरात का सापुतारा आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. मानसून में यहां झरने, पहाड़ और हरियाली मिलकर बेहद खूबसूरत दृश्य पेश करते हैं. सापुतारा झील में बोटिंग, रोपवे की सवारी और आसपास के प्राकृतिक नजारों का आनंद आपकी यात्रा को यादगार बना सकता है.
बारिश के मौसम में पहाड़ी इलाकों का मौसम कभी भी बदल सकता है. इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले मौसम का ताजा अपडेट और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी जरूर देख लें. अपने साथ रेनकोट, छाता, फिसलन-रोधी जूते और जरूरी दवाइयां रखें. कोशिश करें कि दिन के समय ही यात्रा करें और ऐसे रास्तों से बचें जहां भूस्खलन की आशंका ज्यादा हो. सही तैयारी के साथ की गई मानसून यात्रा न सिर्फ सुरक्षित होती है बल्कि यादगार भी बन जाती है.