नेपाल में भीषण बाढ़ से अब तक 157 की मौत, 142 भारतीयों समेत 403 लापता

नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में अचानक आई भीषण बाढ़ से भारी तबाही हुई है। इस त्रासदी में अब तक कम से कम 157 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

Date Updated Last Updated : 27 August 2026, 10:25 AM IST
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Courtesy: Gemini

नई दिल्ली: नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती दुर्गम पहाड़ी इलाकों में आज सुबह प्रकृति ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि हंसती-खेलती बस्तियां पल भर में मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं। तिब्बत की ओर से अचानक उफनकर आई भोटे कोशी नदी का भयानक जलसैलाब सीमा पार करते ही काल बनकर टूटा। इस अप्रत्याशित फ्लैश फ्लड (आकस्मिक बाढ़) की चपेट में आने से अब तक 157 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी तेज धार और कीचड़ के नीचे लापता हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रियों पर मंडराया संकट

हादसे के समय सीमावर्ती पर्यटन क्षेत्रों में करीब 403 पर्यटक मौजूद थे, जिनमें से 341 विदेशी नागरिक थे। लापता विदेशी पर्यटकों में 142 भारतीय नागरिक शामिल हैं, जो कैलाश मानसरोवर की पवित्र यात्रा पर निकले थे। 

भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, मलेशिया, नीदरलैंड, पुर्तगाल, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया और अमेरिका के नागरिक भी इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आकर बेपता है।

राहत अभियानों में झोंकी गई पूरी ताकत

नेपाल के प्रभावित जिलों, रसुवा, धाडिंग और नुवाकोट में हर तरफ तबाही का मंजर बिखरा पड़ा है। रसुवा और धाडिंग के निचले इलाकों में पानी इतनी तेजी से घुसा कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भागने का मौका तक नहीं मिला। 

नेपाली सुरक्षा बल और राहत एजेंसियां कीचड़ और मलबे में दबे संभावित जीवित बचे लोगों की तलाश में जुटी हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन बैठकों के बाद राज्य के तमाम संसाधनों को राहत और बचाव कार्यों में लगा दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर दुख साझा करते हुए कहा कि देश संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मुस्तैदी से खड़ा है।

भारत ने तुरंत बढ़ाया मदद का हाथ

पड़ोसी धर्म निभाते हुए भारत ने पलक झपकते ही राहत कार्यों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से फोन पर वार्ता कर संवेदना जताई और हर संभव मानवीय सहायता की पेशकश की। भारतीय वायु सेना का एक विशेष परिवहन विमान 10 टन आवश्यक राहत सामग्री और जीवनरक्षक दवाओं की खेप लेकर नेपाल रवाना कर दिया गया है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने पीएम मोदी के इस संबल और त्वरित सहयोग के लिए उनका हृदय से आभार जताया है।

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