नई दिल्ली: एक नए शोध ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि शादी न सिर्फ भावनात्मक साथ देती है, बल्कि कैंसर जैसी बीमारी से बचाव में भी मदद कर सकती है. अध्ययन में पाया गया कि अविवाहित लोगों में कैंसर का खतरा विवाहित लोगों की तुलना में काफी ज्यादा है.
शोध के मुताबिक, अविवाहित पुरुषों में कैंसर होने का जोखिम विवाहित, तलाकशुदा या विधुर पुरुषों से 68 प्रतिशत अधिक है. वहीं अविवाहित महिलाओं में यह खतरा 83 प्रतिशत तक ज्यादा पाया गया. यह अध्ययन कैंसर रिसर्च कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुआ है. इससे विवाह और स्वास्थ्य के बीच के गहरे संबंध पर नई चर्चा शुरू हो गई है.
कहना है कि विवाह कई तरीकों से स्वास्थ्य की रक्षा करता है. सबसे महत्वपूर्ण है सामाजिक समर्थन. विवाहित लोगों को उनका जीवनसाथी नियमित डॉक्टर चेकअप, कैंसर की जांच और समय पर इलाज के लिए प्रोत्साहित करता है. अकेले रहने वाले लोग अक्सर अकेलेपन की वजह से जांच कराने में लापरवाही बरतते हैं.
अध्ययन के प्रमुख लेखक पाउलो एस. पिनहेरो कहते हैं कि अविवाहित व्यक्ति सामाजिक रूप से ज्यादा अलग-थलग रहते है, जिससे उनकी निवारक देखभाल कम हो जाती है. इसके अलावा विवाहित लोग स्वस्थ आदतें ज्यादा अपनाते हैं. उनमें धूम्रपान और ज्यादा शराब पीने की आदत कम होती है, जो फेफड़े और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का बड़ा कारण है.
पहले के अध्ययनों में माना जाता था कि पुरुषों को शादी से ज्यादा लाभ मिलता है, लेकिन इस शोध में उल्टा नजर आया. महिलाओं को विवाह से कैंसर के खिलाफ ज्यादा सुरक्षा मिलती दिख रही है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि जिन महिलाओं ने कभी बच्चा नहीं जन्माया, उनमें अंडाशय और गर्भाशय के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. शादी और परिवार इस जोखिम को कम करने में मदद करता है.
अध्ययन में एक खास बात यह भी सामने आई कि काले पुरुषों को विवाह से सबसे अधिक फायदा होता है. इससे साफ है कि मजबूत परिवारिक सहयोग प्रणाली कितनी जरूरी है. जीवनसाथी की देखभाल से बीमारी का जल्द पता चलता है और इलाज आसान हो जाता है.
कई विशेषज्ञ मानते हैं कि विवाह खुद सीधे कैंसर नहीं रोकता, बल्कि इससे जुड़े फायदे जैसे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सहयोग असली कारण है. अंत में शोधकर्ता यह सलाह देते हैं कि चाहे शादीशुदा हों या अविवाहित, हर व्यक्ति को मजबूत सामाजिक सहायता की जरूरत है.
परिवार, दोस्त या समुदाय का साथ कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने में बहुत मदद कर सकता है. घटती विवाह दर को देखते हुए सभी के लिए अच्छी स्वास्थ्य जांच व्यवस्था और सहयोग नेटवर्क बनाना जरूरी है.