नई दिल्ली: ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना अब धीरे-धीरे लोगों की आदत बन चुका है. जैसे-जैसे यह लोगों की आदत में तबदील हो रहा है वैसे-वैसे यह और महंगा होता जा रहा है. फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने एक बार फिर अपने प्लेटफॉर्म शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे हर ऑर्डर पर ग्राहकों को पहले से ज्यादा भुगतान करना होगा.
कंपनी ने शुक्रवार से प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाकर 14.90 रुपये प्रति ऑर्डर (जीएसटी से पहले) कर दी है. इससे पहले यह शुल्क 12.50 रुपये था, जिसे सितंबर 2025 में संशोधित किया गया था. यह नई दर देशभर के उन सभी शहरों में लागू है, जहां कंपनी अपनी सेवाएं देती है.
इस बढ़ोतरी के पीछे प्रमुख कारण लागत में वृद्धि को माना जा रहा है. खासकर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे डिलीवरी से जुड़ी लागत भी बढ़ रही है. ऐसे में कंपनियां अतिरिक्त शुल्क के जरिए अपने खर्चों को संतुलित करने की कोशिश कर रही हैं.
प्लेटफॉर्म फी उस राशि को कहते हैं जो ग्राहक से सीधे ऐप द्वारा ली जाती है. यह राशि रेस्टोरेंट या डिलीवरी पार्टनर को नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म को जाती है. इसका उद्देश्य कंपनी के संचालन खर्च को संभालना और अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न करना होता है.
Zomato ने अगस्त 2023 में पहली बार 2 रुपये प्रति ऑर्डर प्लेटफॉर्म शुल्क लागू किया था. इसके बाद समय-समय पर इसमें लगातार इजाफा होता रहा. बाद में इसे 3 रुपये प्रति ऑर्डर कर दिया. जोकि 50% की वृद्धि दर्शाता है.
सितंबर 2025 में इसे बढ़ाकर 12.50 रुपये किया गया और अब यह 14.90 रुपये तक पहुंच गया है. कुल मिलाकर करीब ढाई साल में यह शुल्क 645% तक बढ़ चुका है, जिससे ग्राहकों के लिए हर ऑर्डर का कुल खर्च बढ़ गया है.
यह रुझान सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है. Swiggy और Magicpin जैसे अन्य प्लेटफॉर्म भी इसी तरह के शुल्क बढ़ा रहे हैं. इससे साफ है कि आने वाले समय में ऑनलाइन फूड डिलीवरी की सुविधा और महंगी हो सकती है.