हवाई सफर पर महंगाई की मार, इंडिगो ने लागू किया 'फ्यूल सरचार्ज'; टिकटों के दाम बढ़े

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण 14 मार्च से फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है. इस बीच, एयरलाइन के CEO पीटर एलबर्स ने भी अचानक इस्तीफा दे दिया है, जिससे विमानन क्षेत्र में खलबली मच गई है.

Date Updated Last Updated : 13 March 2026, 09:54 PM IST
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नई दिल्ली: भारतीय विमानन क्षेत्र में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. देश की दिग्गज एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार) लगाने की घोषणा की है. कंपनी का यह फैसला 14 मार्च से प्रभावी होगा. एयरलाइन का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए भारी उछाल के कारण परिचालन लागत पर पड़ रहे बोझ को कम करने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया है.

गौरतलब है कि हाल ही में एयर इंडिया समूह ने भी इसी तरह की बढ़ोतरी की थी. पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और संघर्षों ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है, जिसका सीधा असर अब आम यात्रियों की जेब पर पड़ने वाला है.

रूट के आधार पर कितना बढ़ा बोझ?

इंडिगो द्वारा जारी बयान के मुताबिक, ईंधन कीमतों में वृद्धि के प्रभाव को संतुलित करने के लिए रूट के आधार पर अलग-अलग सरचार्ज तय किए गए है:

  • घरेलू और भारतीय उपमहाद्वीप: 425 रुपये का अतिरिक्त शुल्क.
  • मध्य पूर्व (Middle East): 900 रुपये की वृद्धि.
  • दक्षिण पूर्व एशिया, चीन, अफ्रीका और पश्चिम एशिया: 1,800 रुपये का अतिरिक्त प्रभार.
  • यूरोप: यूरोप जाने वाली लंबी दूरी की उड़ानों पर सबसे ज्यादा 2,300 रुपये का सरचार्ज वसूला जाएगा.

एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि यद्यपि ईंधन की कीमतों में 85% से अधिक की वृद्धि हुई है, लेकिन ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने फिलहाल एक 'न्यूनतम राशि' ही सरचार्ज के तौर पर जोड़ी है.

दोहरी मार झेल रही हैं भारतीय एयरलाइंस

भारतीय विमानन कंपनियां वर्तमान में दोहरे संकट का सामना कर रही हैं. एक तरफ ईरान युद्ध के कारण मध्य पूर्वी हवाई क्षेत्र का उपयोग जोखिम भरा हो गया है, वहीं पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई मार्ग को प्रतिबंधित रखने से संचालन लागत और समय दोनों बढ़ रहे हैं. लंबे रास्तों के कारण विमानों को अधिक ईंधन की खपत करनी पड़ रही है. इसी के मद्देनजर, इंडिगो और एयर इंडिया ने केंद्र सरकार से विमानन ईंधन (ATF) पर टैक्स कम करने और एयरपोर्ट चार्जेस को तर्कसंगत बनाने की अपील की है.

CEO पीटर एलबर्स का अचानक इस्तीफा

एक तरफ एयरलाइन वित्तीय और परिचालन चुनौतियों से जूझ रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रबंधन के स्तर पर भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है. इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एलबर्स ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है. एलबर्स का यह कदम तब आया है जब एयरलाइन पायलटों के 'रेस्ट और ड्यूटी' नियमों को सही ढंग से लागू न कर पाने के कारण जांच के घेरे में थी. हालांकि, उन्होंने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है, लेकिन उनके अचानक जाने से कंपनी के भविष्य की योजनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं. इंडिगो ने यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और कहा है कि वे स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहे हैं.

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