Bhadli Navami 2026: बिना मुहूर्त निकाले करें शादी और अन्य मांगलिक कार्य, आज है शुभ संयोग

आज 22 जुलाई 2026 को भड़ली नवमी मनाई जा रही है, जिसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है. इस शुभ तिथि पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है.

Date Updated Last Updated : 22 July 2026, 11:43 AM IST
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Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: भड़ली नवमी 2026 का पर्व आज 22 जुलाई को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है. हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष महत्व माना गया है. इसे भड़रिया नवमी के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि यह दिन अबूझ मुहूर्त होता है, यानी इस दिन विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार, भूमि पूजन और अन्य मांगलिक कार्य बिना अलग से शुभ मुहूर्त निकाले किए जा सकते हैं.

भड़ली नवमी का शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत 22 जुलाई को सुबह 5:16 बजे हुई है. यह तिथि 23 जुलाई को सुबह 7:03 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के आधार पर भड़ली नवमी का पर्व आज ही मनाया जा रहा है.

क्यों खास होती है भड़ली नवमी?

भड़ली नवमी को स्वयं सिद्ध और अत्यंत शुभ तिथि माना जाता है. यह पर्व देवशयनी एकादशी से दो दिन पहले आता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों में विशेष सफलता और शुभ फल की प्राप्ति होती है.

यदि किसी कारणवश विवाह, गृह प्रवेश, नए व्यवसाय की शुरुआत या किसी अन्य मांगलिक कार्य के लिए उपयुक्त मुहूर्त नहीं मिल रहा हो, तो भड़ली नवमी पर बिना किसी अतिरिक्त मुहूर्त के ये कार्य किए जा सकते हैं. इसी कारण इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है.

इस दिन किन देवी-देवताओं की पूजा करें?

भड़ली नवमी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि देवशयनी एकादशी से पहले श्रीहरि की आराधना करने से घर में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है.

इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना, व्रत, हवन और मंत्र जाप भी करते हैं. वैष्णव परंपरा का पालन करने वाले भक्त विशेष रूप से श्रीहरि का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

शुभ कार्यों के लिए सबसे उत्तम दिन

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भड़ली नवमी ऐसा दिन है, जब किसी भी नए कार्य की शुरुआत शुभ मानी जाती है. चाहे नया घर खरीदना हो, व्यापार शुरू करना हो या किसी महत्वपूर्ण योजना का शुभारंभ करना हो, इस दिन को अत्यंत मंगलकारी माना गया है. हालांकि, किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या मांगलिक कार्य को करते समय अपने परिवार की परंपरा और योग्य विद्वान या पुरोहित की सलाह लेना भी उचित माना जाता है.

भड़ली नवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि शुभ शुरुआत, सकारात्मक ऊर्जा और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर भी मानी जाती है.

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