गैर-कानूनी खनन के विरुद्ध जीरो-टॉलरेंस नीति सख्ती से जारी: बरिंदर कुमार गोयल

खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और नियमित खनन प्रणाली को मजबूत रूप से लागू करने की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाते हुए पंजाब के खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज पंजाब में क्रशर-ओनर माइनिंग साइटों (सी.आर.एम.एस.) की शुरुआत की.

Date Updated Last Updated : 27 February 2026, 08:22 AM IST
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Courtesy: Salam Hindustan

चंडीगढ़: खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और नियमित खनन प्रणाली को मजबूत रूप से लागू करने की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाते हुए पंजाब के खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज पंजाब में क्रशर-ओनर माइनिंग साइटों (सी.आर.एम.एस.) की शुरुआत की.

पठानकोट जिले में स्थित इन साइटों की शुरुआत करते हुए कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस पहल से बाजार में रेत और अन्य खनिजों की प्रचुर उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा राज्यभर में गैर-कानूनी खनन पर अधिक प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सकेगा.

4.46 हेक्टेयर क्षेत्र को किया जाएगा कवर

इस अवसर पर खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री, क्रशर मालिकों, भूमि मालिकों और वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में दो क्रशर-ओनर माइनिंग साइटों के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इन दोनों साइटों के अंतर्गत 4.46 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इन समझौतों के साथ विभाग द्वारा एक सुव्यवस्थित ढांचा लागू किया जा रहा है, जिसके तहत स्वीकृत खनन योजनाओं और पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों के अंतर्गत पंजीकृत क्रशर इकाइयां सीधे खनन गतिविधियों से जुड़ेंगी.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार राज्य के लोगों को किफायती दरों पर रेत और अन्य खनिज पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. क्रशर-ओनर माइनिंग साइटों तथा लैंड-ओनर माइनिंग साइटों के संचालन से लघु खनिजों की कानूनी आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे बाजार में कीमतें स्थिर और उचित बनी रहेंगी.

क्रशर-ओनर माइनिंग साइटों के लिए प्राप्त हुए 138 आवेदन

नई खनन नीति के तहत की गई पहलों का विवरण साझा करते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि राज्यभर से क्रशर-ओनर माइनिंग साइटों के लिए कुल 138 आवेदन तथा लैंड-ओनर माइनिंग साइटों के लिए 25 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें से 305.59 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली 44 साइटों की जिला सर्वेक्षण रिपोर्टें स्वीकृत हो चुकी हैं.

उन्होंने बताया कि 79.74 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली 14 साइटों को पर्यावरणीय स्वीकृति मिल चुकी है. उन्होंने कहा कि सभी 44 स्वीकृत साइटों को 31 मार्च 2026 तक अंतिम अनुमति मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद इन साइटों पर चरणबद्ध तरीके से कार्य शुरू कर दिया जाएगा.

31 मार्च तक 44 स्वीकृत क्रशर माइनिंग साइटें होंगी चालू

श्री गोयल ने बताया कि 44 स्वीकृत माइनिंग साइटों पर 31 मार्च 2026 तक कार्य आरंभ हो जाएगा, जो राज्यभर में लघु खनिजों की कानूनी आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार की समयबद्ध कार्य-योजना का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि शेष 119 साइटों पर भी इसी वर्ष के भीतर सभी कानूनी स्वीकृतियां और पर्यावरणीय मंजूरियां पूर्ण होने के बाद चरणबद्ध तरीके से कार्य प्रारंभ किया जाएगा. यह विस्तार बाजार में रेत और बजरी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, प्रभावी निगरानी को सुदृढ़ करेगा तथा पूरे पंजाब में गैर-कानूनी खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाएगा.

खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री ने जोर देकर कहा कि कानूनी खनन आपूर्ति का विस्तार न केवल सरकारी राजस्व में वृद्धि करेगा, बल्कि खनन क्षेत्र में नियमितता भी लाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि मान सरकार द्वारा गैर-कानूनी माइनिंग के विरुद्ध जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है.

इस सुव्यवस्थित ढांचे के बारे में और विस्तार से बताते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि एक क्रशर-ओनर माइनिंग साइट पर पंजीकृत क्रशर मालिक अपनी स्वयं की भूमि पर, लीज पर ली गई भूमि पर अथवा विधिवत पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से प्राप्त भूमि पर स्वीकृत माइनिंग योजना, जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट तथा पर्यावरणीय स्वीकृति के अनुसार खनन कर सकता है. इसी प्रकार लैंड-ओनर माइनिंग साइटों के अंतर्गत भूमि स्वामी कानूनी एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियां प्राप्त करने के उपरांत अपनी भूमि पर खनन कार्य कर सकता है.

कैबिनेट मंत्री ने दोहराया कि भविष्य में विभाग कानूनी स्वीकृतियों की प्रक्रिया को और तेज करेगा, पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगा तथा सतत खनन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हितधारकों के साथ निकट समन्वय में कार्य करेगा. उन्होंने कहा कि यह पहल बुनियादी ढांचा विकास को गति देगी और पंजाब भर में आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करेगी.

बैठक के दौरान मुख्य अभियंता (माइनिंग) स. हरदीप सिंह मैंदीरत्ता, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा क्रशर प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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