रांची: झारखंड से सनसनी खेज खबर सामने आई है, जहां एक कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई है. जानकारी के मुताबिक, जेल शिफ्टिंग के दौरान पुलिस और सुजीत सिन्हा के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें वह मारा गया. बता दें, सुजीत सिन्हा लंबे समय से झारखंड के अपराध जगत का बड़ा नाम माना जाता था और उसके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज थे. चलिए इसी जानते है गैंगस्टर सुजीत सिन्हा से जुड़ा अपराधिक इतिहास.
सुजीत सिन्हा पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड के पथरा गांव का रहने वाला था. हालांकि उसकी परवरिश मेदिनीनगर के श्रीरामपथ इलाके में हुई. परिवार में उसका बड़ा भाई, एक बहन और पत्नी रिया सिन्हा हैं. रिया भी आपराधिक मामलों में जेल में बंद है, जबकि उसकी मां बड़े बेटे के साथ दूसरे शहर में रहती हैं. सुजीत सिन्हा पहली बार साल 2007 में सुर्खियों में आया था. उस समय पलामू में टेंडर विवाद के चलते अनिल सिंह और भूषण सिंह नाम के दो भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
#WATCH जामताड़ा, झारखंड: साहिबगंज से धनबाद जेल ले जाते समय पुलिस मुठभेड़ में गैंगस्टर सुजीत सिन्हा मारा गया।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 2, 2026
जामताड़ा के SP शंभी कुमार सिंह ने कहा, "सुजीत सिन्हा को साहिबगंज जेल से धनबाद जेल ले जाया जा रहा था। खबरों के मुताबिक, रास्ते में गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया और इसके बाद… pic.twitter.com/Hjk7zvU1WM
जांच में इस दोहरे हत्याकांड के पीछे सुजीत सिन्हा का नाम सामने आया था. इसी घटना के बाद उसने अपराध की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली और इलाके में उसका खौफ बढ़ने लगा. साल 2019 में पलामू की अदालत ने इसी दोहरे हत्याकांड में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी. पुलिस के मुताबिक, इससे पहले भी वह फायरिंग के एक मामले में जेल जा चुका था. जेल से बाहर आने के बाद उसने रंगदारी और संगठित अपराध के जरिए अपना नेटवर्क और मजबूत कर लिया.
साल 2024 में सुजीत सिन्हा को कई मामलों में राहत मिली थी. उस समय उसके खिलाफ 45 से ज्यादा मामले दर्ज थे, लेकिन उनमें से 16 से अधिक मामलों में वह बरी हो गया था. इसके बाद भी उसके खिलाफ कई नए केस दर्ज हुए. पुलिस जांच में उसका नाम कोयलांचल के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान से जुड़े नेटवर्क के साथ भी सामने आया था.
पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष से रंगदारी मांगने का मामला भी काफी चर्चित रहा, लेकिन उस केस में भी उसे अदालत से राहत मिल गई थी. वहीं अब पुलिस का कहना है कि सुजीत सिन्हा लंबे समय तक रंगदारी, हत्या और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में एक्टिव रहा है. उसकी मौत के साथ झारखंड के सबसे चर्चित गैंगस्टरों में से एक का अध्याय खत्म हो गया.