नई दिल्ली: 12 मई 2026 की रात 9:36 बजे 32 वर्षीय पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा ने अपनी भाभी राशि अब्रोल को एक आखिरी मैसेज भेजा. इस संदेश के कुछ ही मिनट बाद वह छत की ओर जाती हुई CCTV में दिखाई दीं. अब CBI की जांच में सामने आए मैसेज, कॉल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, मेडिकल दस्तावेज और गवाहों के बयानों ने उनकी मौत से पहले के करीब 79 मिनट की घटनाओं को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है.
भोपाल की अदालत में दाखिल अपनी अंतिम रिपोर्ट में CBI ने आरोप लगाया है कि ट्विशा को उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह की ओर से कथित मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा. एजेंसी के मुताबिक, इसी कथित उत्पीड़न ने उन्हें इतना परेशान कर दिया था कि उन्होंने अपनी जान दे दी.
CBI के अनुसार, ट्विशा ने अपने ससुराल में कथित परेशानी के बारे में अपने माता-पिता, भाभी, पुराने नियोक्ताओं और डॉक्टरों से कई बार बात की थी. 30 अप्रैल को उन्होंने अपनी मां को अपनी बिगड़ती मानसिक स्थिति के बारे में बताया था. उन्होंने कहा था कि उनकी तबीयत खराब हो रही है और उन्हें विमान में भी एंग्जायटी अटैक आया था. जांच एजेंसी ने उन डॉक्टरों और काउंसलर्स के बयान भी दर्ज किए, जिन्होंने ट्विशा और समर्थ से इलाज या थेरेपी के दौरान बातचीत की थी. उनके अनुसार, ट्विशा काफी परेशान नजर आती थीं. जांच में उनकी गर्भावस्था को लेकर चल रही परेशानियों का भी जिक्र हुआ.
CBI का आरोप है कि ट्विशा ने गर्भपात के लिए पहली दवा लेने के बाद उनकी सास गिरिबाला ने कथित तौर पर अपना फैसला बदलने का दबाव बनाया. एजेंसी ने यह भी कहा कि समर्थ बार-बार बच्चे के पिता को लेकर ट्विशा से सवाल करता था. 9 मई को ट्विशा ने अपनी मां को संदेश भेजकर कहा था कि समर्थ बच्चे के पिता को लेकर सवाल कर रहा है और वह इस स्थिति से बेहद परेशान हो चुकी हैं. CBI ने इन संदेशों को मामले की जांच में महत्वपूर्ण माना है.
जांच के दौरान उन आरोपों को भी देखा गया, जिनमें ट्विशा से ड्रग्स के इस्तेमाल को लेकर सवाल किए जाने की बात सामने आई थी. CBI के मुताबिक, समर्थ ने इलाज कर रहे एक डॉक्टर को बताया था कि वह और ट्विशा गांजा लेते थे. ट्विशा ने कथित तौर पर अपने परिवार से यह भी कहा था कि गिरिबाला और समर्थ उन्हें मानसिक रूप से अस्थिर साबित करने की कोशिश कर रहे थे. इन सभी बयानों और दस्तावेजों को एजेंसी ने अपनी जांच का हिस्सा बनाया.
12 मई की रात 9:36 बजे ट्विशा ने अपनी भाभी को आखिरी मैसेज भेजा. इसके चार मिनट बाद 9:40 बजे CCTV फुटेज में उन्हें अकेले छत की ओर जाते देखा गया. रात 9:41 बजे उनके पिता ने उनसे फोन पर बात की. इसके बाद रात 10:05 बजे उनकी मां ने उन्हें कॉल किया. CBI के अनुसार, बातचीत के दौरान ट्विशा लगातार रो रही थीं और उनकी बातें सामान्य नहीं लग रही थीं. मां ने इसके बाद कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने समर्थ से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वहां से भी जवाब नहीं आया. इसके बाद उन्होंने गिरिबाला को फोन किया.
CCTV फुटेज में बाद में गिरिबाला को ट्विशा की स्थिति जानने के लिए कमरे से बाहर निकलते देखा गया. फुटेज के अनुसार, उन्होंने अपने भतीजे के घर में आने के लिए मुख्य गेट खोलने से पहले समर्थ को फोन किया. बाद के CCTV फुटेज में समर्थ, उसके चचेरे भाई और एक घरेलू कर्मचारी ट्विशा को छत से नीचे लाते हुए दिखाई दिए. रात 10:55 बजे भोपाल AIIMS के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
ट्विशा के दो पोस्टमॉर्टम किए गए. पहला भोपाल में और दूसरा दिल्ली AIIMS में हुआ. दोनों जांचों में मौत का कारण गले पर फंदे के दबाव से जुड़ा पाया गया. दिल्ली AIIMS की रिपोर्ट ने इसे आत्महत्या बताया और कहा कि मौत से पहले किसी ऐसी गंभीर चोट का प्रमाण नहीं मिला, जो मेडिको-लीगल नजरिए से महत्वपूर्ण हो या मारपीट की ओर इशारा करे. ट्विशा के परिवार ने पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कुछ चोटों का पर्याप्त उल्लेख नहीं होने को लेकर सवाल उठाए थे. हालांकि, दिल्ली AIIMS की रिपोर्ट में ऐसी चोटों की पुष्टि नहीं हुई, जिन्हें मौत से पहले हुई हिंसा का प्रमाण माना जा सके.
CBI की जांच के कुछ हिस्से अभी बाकी हैं. एजेंसी ट्विशा के मुख्य iPhone से डेटा हासिल करने के लिए उसे नई दिल्ली स्थित CFSL को भेज चुकी है. CBI का मानना है कि फोन से मामले से जुड़े अतिरिक्त सबूत मिल सकते हैं और अन्य लोगों की भूमिका के बारे में भी जानकारी सामने आ सकती है. इसके अलावा, गिरिबाला के घर से बरामद DVR की फोरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार है. एजेंसी के मुताबिक, इसकी जांच से CCTV रिकॉर्ड से छेड़छाड़ से जुड़े संभावित पहलुओं पर और जानकारी मिल सकती है.
ट्विशा शर्मा की मुलाकात 2024 में डेटिंग ऐप के जरिए समर्थ सिंह से हुई थी. दोनों ने दिसंबर 2025 में शादी की थी. 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा मृत मिली थीं. उनके परिवार ने पति और ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने तथा मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे. परिवार ने जांच को प्रभावित करने के लिए प्रभाव के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया था. समर्थ सिंह को करीब 10 दिन बाद 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया था.