अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी धड़ाम, घरेलू बाजार पर भी पड़ेगा असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट का असर घरेलू बाजार पर भी दिख सकता है. 19 जून 2026, शुक्रवार सुबह अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स में सोने की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई.

Date Updated Last Updated : 19 June 2026, 10:56 AM IST
फॉलो करें:
Courtesy: AI generated

नई दिल्ली: सोने और चांदी में निवेश करने वालों के लिए शुक्रवार की सुबह राहत भरी खबर लेकर आई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है और इसका असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिल सकता है. खास बात यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं. ऐसे माहौल में सोने और चांदी के दामों में आई गिरावट ने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.19 जून 2026, शुक्रवार सुबह अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स में सोने की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. सुबह करीब 7:30 बजे सोना 1.02 फीसदी यानी लगभग 43.30 डॉलर टूटकर 4,202.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. वहीं चांदी भी दबाव में नजर आई. इसकी कीमत 1.86 फीसदी की गिरावट के साथ 65.085 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. वैश्विक बाजार में आई इस कमजोरी का असर भारतीय बाजारों में भी दिखाई दे सकता है

एमसीएक्स पर क्या रहेगा असर?

घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स में 18 जून को भी सोना और चांदी दोनों दबाव में रहे थे. कारोबार के अंत में सोने का भाव 2.93 फीसदी गिरकर 1,49,378 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. दूसरी ओर चांदी में और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. इसकी कीमत 5.63 फीसदी टूटकर 2,37,620 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी कमजोरी को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि एमसीएक्स में भी कारोबार की शुरुआत दबाव के साथ हो सकती है.

आईबीजेए पर सोने का ताजा भाव इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 18 जून 2026 को फाइन गोल्ड का भाव 14,809 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया. यह आंकड़ा बाजार में चल रही नरमी को दर्शाता है.

आखिर क्यों गिर रहे हैं सोने और चांदी के दाम?

पिछले कुछ महीनों में यह देखा गया कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने पर सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिली. हालांकि इस बार बाजार की दिशा कुछ अलग नजर आ रही है और इसके पीछे कई आर्थिक कारण बताए जा रहे हैं.

डॉलर की मजबूती बनी बड़ी वजह

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई है. लेकिन दूसरी ओर डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है. जब डॉलर मजबूत होता है तो अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना, चांदी और कच्चा तेल खरीदना महंगा पड़ता है. इस वजह से इन कमोडिटीज की मांग पर असर पड़ता है और कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है. यही कारण है कि इस समय सोना और चांदी दोनों दबाव में हैं.

फेडरल रिजर्व के फैसले का असर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने हाल ही में ब्याज दरों को यथावत रखने का फैसला किया है. आमतौर पर जब ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं या उनमें कटौती नहीं होती, तब निवेशक सोने जैसी धातुओं में कम रुचि दिखाते हैं. इसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ता है और उनमें गिरावट देखने को मिल सकती है. बाजार विशेषज्ञ भी मौजूदा कमजोरी के पीछे इस कारण को महत्वपूर्ण मान रहे हैं.

चीन की मांग में सुस्ती भी वजह

दुनिया में सोने और चांदी की खपत के मामले में चीन का बड़ा योगदान है. हाल के समय में वहां मांग में कुछ नरमी देखने को मिली है. इससे भी वैश्विक बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है.

सम्बंधित खबर

Recent News