दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में शुक्रवार देर शाम भूकंप के झटके महसूस किए गए जिससे लोगों में दहशत फैल गई. दिल्ली एनसीआर के अलावा चंडीगढ़ समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में धरती हिलने से लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए. भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र रहा. अफगानिस्तान में भूकंप की तीव्रता 5.9 आंकी गई.
अभी अप्रैल का महीना शुरू हुआ है और अब तक दिल्ली-एनसीआर में आया यह इस साल का तीसरा भूकंप है. इससे पहले जनवरी में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. इससे पहले 19 जनवरी को 2.8 तीव्रता का भूकंप आया था जिसका केंद्र नॉर्थ दिल्ली था.
#WATCH | Jammu & Kashmir: An earthquake was felt in Srinagar. Chandeliers and fans were seen moving. pic.twitter.com/iFx5OTZ7uB
— ANI (@ANI) April 3, 2026
इसके बाद 30 जनवरी की रात 3.2 तीव्रता का भूकंप आया था जिसका केंद्र दिल्ली के उत्तर-पूर्व से करीब 80 किमी दूर था. हालांकि इन दोनों झटकों से किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ था. बता दें कि भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से यह क्षेत्र काफी संवेदनशील माना जाता है. राजधानी दिल्ली भूकंप की उच्चतम संभावना वाले क्षेत्रों में से एक है.
#WATCH | Delhi: Another person says, "When the earthquake struck, I was sitting in the room, and I felt the bed shaking, and when I looked up, the fan was shaking too. When I came out, I saw that the people around me were also scared..." https://t.co/27ie3D6rVW pic.twitter.com/d1b34yF2Qi
— ANI (@ANI) April 3, 2026
भारतीय मानक ब्यूरो ने भूकंप की तीव्रता और आवृत्ति के आधार पर देश को 4 भूकंपीय क्षेत्रों में बांटा है. इसमें जोन-2, जोन-3, जोन-4, जोन-5 है. जोन-2 कम जोखिम वाले भूकंपीय क्षेत्रों में आता है. इस जोन में यूपी का प्रयागराज, महाराष्ट्र का औरंगाबाद, कर्नाटक का बेंगलुरु, बंगाल का दुर्गापुर, छत्तीसगढ़ का भिलाई, एमपी का भोपाल, आंध्र प्रदेश का हैदराबाद, राजस्थान का जयपुर शामिल हैं. जोन-4 सबसे ज्यादा जोखिम वाला क्षेत्र है जिसमें भूकंप की तीव्रता 6 से 6.9 तक हो सकती है और दिल्ली इसी जोन में आता है.