'भारत में भी विरोध प्रदर्शन होने चाहिए....' विपक्षी नेता के बयान पर गरमाई सियासत

भारतीय राष्ट्रीय लोक दल (आईएनएलडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला अपने एक हालिया बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं. उन्होंने भारत में सरकार बदलने के लिए बांग्लादेश जैसे विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है, जिस पर अब सियासत गरमाती हुई दिख रही है.

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Courtesy: @AbhaySChautala X account

नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय लोक दल (आईएनएलडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला अपने एक हालिया बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं. उनके इस बयान के बाद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. चौटाला ने कहा था कि भारत में भी सरकार बदलने के लिए वैसे ही बड़े आंदोलन होने चाहिए जैसे श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में हुए थे.

भारत में भी होने चाहिए विरोध प्रदर्शन

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में अभय चौटाला ने इन देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां युवाओं ने आंदोलन कर सरकारों को सत्ता छोड़ने पर मजबूर किया. उन्होंने यह भी कहा कि भारत में मौजूदा सरकार को हटाने के लिए भी ऐसी ही रणनीति अपनानी होगी. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है साथ ही कई सवाल खड़े हो रहे हैं. 

लोकतंत्र के लिए है खतरनाक

भाजपा ने इस बयान को भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक बताया है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि इस तरह की बातें संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ हैं. उनका आरोप है कि कुछ विपक्षी नेता राजनीतिक फायदे के लिए देश के संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं.

शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो संदेश में कहा कि इस तरह के बयान बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान की भावना के विपरीत है और इससे लोकतंत्र में लोगों का भरोसा कम हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ विपक्षी दल अपने निजी और राजनीतिक हितों को राष्ट्रीय हित से ऊपर रख रहे हैं.

भारत विरोधी सोच सोच का प्रतीक है बयान 

भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अभय चौटाला के बयान की आलोचना की. उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें एक “भारत विरोधी सोच” को बढ़ावा देती हैं. भंडारी ने आरोप लगाया कि कुछ वरिष्ठ विपक्षी नेता, जिनमें राहुल गांधी भी शामिल हैं, ऐसे विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं जो देश की राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं.

हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने अभय चौटाला के बयान को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया और कहा कि चौटाला परिवार का लंबा राजनीतिक इतिहास रहा है, ऐसे में इस तरह के बयान कई विरोधाभास पैदा करते हैं.